बिहार विश्वास मत: सम्राट चौधरी ने बहुमत पाया, विकास का रोडमैप

Fri 24-Apr-2026,06:15 PM IST +05:30

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बिहार विश्वास मत: सम्राट चौधरी ने बहुमत पाया, विकास का रोडमैप Bihar-Trust-Vote-Samrat-Choudhary-Government
  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर नई सरकार के बहुमत को साबित किया और विकास एजेंडा पेश किया।

  • सरकार ने 5 लाख करोड़ निवेश, 208 डिग्री कॉलेज और रोजगार बढ़ाने के बड़े लक्ष्य तय करते हुए बिहार को समृद्ध राज्य बनाने की बात कही।

  • मुख्यमंत्री ने नीतीश कुमार की योजनाओं को आगे बढ़ाने और तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए सुशासन व पारदर्शिता पर जोर दिया।

Bihar / Patna :

PATNA/ बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां नई सरकार के शक्ति परीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। इस दौरान सदन में राजनीतिक गरमाहट देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने बहुमत साबित करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार विकास, निवेश और सुशासन के एजेंडे पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार और अपराध से समझौता नहीं किया जाएगा।

विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पारित होने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री Nitish Kumar के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है और विकास की रफ्तार को और तेज किया जाएगा।

सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार में नौकरियों के नए अवसर पैदा हुए हैं और आने वाले समय में यह प्रक्रिया और तेज होगी। उन्होंने बताया कि राज्य में शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने घोषणा की कि हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे और 208 डिग्री कॉलेजों को जुलाई तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार में अब तक 1.26 लाख करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है और आने वाले 5 वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह निवेश राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को नई दिशा देगा।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने विपक्षी नेता Tejashwi Yadav पर पलटवार करते हुए कहा कि वे किसी राजनीतिक “पाठशाला” से नहीं आते, बल्कि जनता के आशीर्वाद से यहां पहुंचे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की राजनीति में पुराने आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर विकास पर ध्यान देने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य में सुशासन और पारदर्शिता उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं पहले से चल रही हैं, जिसमें साइकिल और पोशाक जैसी योजनाएं शामिल हैं, जिन्हें आगे और मजबूत किया जाएगा।

इस विश्वास मत के साथ बिहार की नई सरकार ने अपने कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत कर दी है और अब सभी की नजरें सरकार की आगामी नीतियों और फैसलों पर टिकी हैं।